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किसान विरोधी तीन काले कानून वापस हुए, लेकिन लड़ाई अभी आधी ही जीती जा सकी है. - तपेंद्र प्रसाद शाक्य, पूर्व आईएएस
किसान आंदोलन में सैनी-मौर्य-काछी-कोईरी लघु-सीमान्त किसान समाज का कोई प्रतिनिधि नेता क्यों नहीं था? - संतोष शाक्य
अछूत, कमजोर, आदिवासी, शूद्र, पिछड़ी जातियों का इकठ्ठा होकर अपने हक मांगना जातिवाद नहीं होता ~संतोष शाक्य
भगवान् बुद्ध का विपस्सना ध्यान क्या है, भारत में किसने इसको पुनर्जीवित किया?
भारतीय महापर्व दीपावली मनाये जाने का ऐतिहासिक कारण बता रहे हैं भिक्खु नन्दरतन