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Success Quote- प्रेरक विचार

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितने संसाधन हैं. 
यदि आप नहीं जानते कि इनका उपयोग कैसे किया जाए तो यह कभी भी पर्याप्त नहीं होंगे.

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मौर्य साम्राज्य- विश्व का सबसे शक्तिशाली एवं न्याय प्रिय साम्राज्य

विश्विवजेता सम्राट अशोक का शासन अफगानिस्तान पाकिस्तान ईरान आधुनिक भारत नेपाल बर्मा श्री लंका मलेशिया इंडोनेशिया आदि देशों तक फैला था. भारत की आबादी उस समय 5 करोड़ थी जो विश्व आबादी का 33% थी.

हवन से भगा रहे हैं चमकी बुखार, बच्चों की मौत पर पाखंडियों का नंगा नाच

अगर  हवन पूजन से कुछ होना था, तो पहले ही कर देते. हद है, जब बुखार फैल गया तब कर रहे हो. सीधे ही ईश्वर को फोन क्यों नहीं लगा देते, हे ईश्वर! चमकी बुखार को वापस ले ले, इसे यहां भेजने की क्या जरूरत थी. मुजफ्फरपुर में पुजारियों के एक समूह ने चमकी बुखार के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए हवन किया.   दोस्तों विज्ञान में बहुत विकास कर लिया है, परंतु धार्मिक पाखंड मनुष्य का आज भी पीछा नहीं छोड़ रहा है. पाखंडी इसका फायदा उठाकर जनता को मूर्ख बनाते हैं और समाज में अज्ञानता का विकास करते हैं. शायद इसी ईश्वरवाद के वशीभूत होकर लोग सरकार से सवाल नहीं पूछते. आखिर सरकार ने बुखार फैलने के बाद और पहले क्या किया, जिससे कि बच्चों की जान बच सकें. दोस्तों सच्चाई यह है कि 100 साल पहले भी तरह-तरह की महामारियां फैलती थीं. जिसमें लाखों लोग मारे जाते थे. इन महामारियो की रोक के लिए इंग्लैंड के एक डॉक्टर, डा. एडवर्ड जेनर ने टीके की खोज की. उन्होंने यह टीका चेचक के लिए बनाया था. भारत में पहले लोग चेचक को भी ईश्वरीय प्रकोप मानते थे. कम चेचक होने पर उसे छोटी माता कहते थे, बड़ा चेचक होने पर उसे बड़ी माता कहते थे. परंतु …

इंदिरा गांधी ने कराई थी बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की हत्या

कांग्रेस, ब्राह्मणवाद और मनुवाद की जड़े हिला देने वाले महान क्रांतिकारी जगदेव प्रसाद कुशवाहा, जिन्हें भारत का लेनिन कहा जाता है, की हत्या पुलिस ने कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के इशारे पर कर दी थी. बाबू जगदेव कुशवाहा का जन्म बिहार के एक मौर्यवंशी परिवार में हुआ था. सम्राट अशोक महान के वंशज होने के कारण उनके खून में वही उबाल था और वही क्रांति ज्वाला. जन्म बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा का जन्म भगवान बुद्ध की तपोस्थली बोधगया के निकट कुर्था प्रखंड के कुरहारी ग्राम में 2 फरवरी 1922 को हुआ था. उनके पिता का नाम प्रयाग नारायण कुशवाहा और माता का नाम राजकली देवी कुशवाहा था.  शिक्षा गांव से ही आठवीं पास करने के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए वे जहानाबाद चले गए. उसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की एवं 1950 में अर्थशास्त्र में परास्नातक किया. एक कोइरी किसान परिवार के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि शिक्षा उस समय केवल उच्च वर्ग के लोग ही ले पाते थे. पत्रकारिता सोशलिस्ट पार्टी में जुड़ने के बाद उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी की जनता पत्रिका का संपादन किया. कुछ समय तक हैदराब…