Skip to main content

पुलवामा आतंकवादी हमले पर दुखी न हो बल्कि.....

देश के नागरिकों से अनुरोध है कि पुलवामा आतंकवादी हमले पर दुखी न हो. बल्कि आक्रोशित हो, उन लोगों पर जिन्होंने धारा 370 हटाने का वादा किया था. एक के बदले 10 सिर लाने का वादा किया था. कश्मीर को भारत में पूरी तरह से मिलाने का वादा किया था.
अलगाववादी समर्थक पार्टी के साथ
हां दोस्तों यही मोदी जब सरकार में नहीं थे. तब आतंकवाद के खिलाफ बड़े-बड़े भाषण देते थे. कश्मीर से धारा 370 खत्म करने की बात करते थे पर जब से सरकार में आए तो धारा 370 को भूल गए. धारा 370 को एक बार भी हटाने का प्रयास नहीं किया. मोदी जी बड़ी-बड़ी बातें करते थे बल्कि कश्मीर में अलगाववादियों की सरकार के साथ उन्होंने सरकार भी बनाई.
मनुवादी हैं राष्ट्रवादी नहीं
मोदी सरकार का मनुवाद उस समय सामने आ गया, जब असंवैधानिक सवर्ण आरक्षण उन्होंने केवल 24 घंटे के अंदर सदन में पास करके 72 घंटे के अंदर लागू कर दिया. सभी पार्टियों ने सवर्ण आरक्षण का समर्थन किया परंतु कश्मीर में धारा 370 पर किसी पार्टी का मुंह नहीं खोला. भाजपा जो कि अपने चुनावी मुद्दों में अक्सर धारा 370 का रोना रोती रही है, उसने अपनी सरकार में धारा 370 को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया.
- द फाइंडर ब्यूरो

Comments

Popular posts from this blog

सम्राट अशोक देशद्रोही और नपुंसक था. -कवि अमित शर्मा

देशद्रोही कवि अमित शर्मा ने विश्व के सबसे महानतम सम्राट विश्व विजेता सम्राट अशोक महान पर अशोभनीय टिप्पणी की है. उसने भारत में मुसलमानों के आगमन के लिए और भारत में पहले आतंकवाद के लिए सम्राट अशोक महान को दोषी माना है. इससे पता चलता है की यह कवि, जोकि एबीवीपी कार्यकर्ता है, किस बुरी तरह संघ के विघटन वादी विचारधारा से प्रेरित है. इस तरह के लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए जो सम्राट अशोक जैसे महान सम्राट पर इस तरह की टिप्पणियां करें.

मौर्य साम्राज्य- विश्व का सबसे शक्तिशाली एवं न्याय प्रिय साम्राज्य

विश्विवजेता सम्राट अशोक का शासन अफगानिस्तान पाकिस्तान ईरान आधुनिक भारत नेपाल बर्मा श्री लंका मलेशिया इंडोनेशिया आदि देशों तक फैला था. भारत की आबादी उस समय 5 करोड़ थी जो विश्व आबादी का 33% थी.

हवन से भगा रहे हैं चमकी बुखार, बच्चों की मौत पर पाखंडियों का नंगा नाच

अगर  हवन पूजन से कुछ होना था, तो पहले ही कर देते. हद है, जब बुखार फैल गया तब कर रहे हो. सीधे ही ईश्वर को फोन क्यों नहीं लगा देते, हे ईश्वर! चमकी बुखार को वापस ले ले, इसे यहां भेजने की क्या जरूरत थी. मुजफ्फरपुर में पुजारियों के एक समूह ने चमकी बुखार के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए हवन किया.   दोस्तों विज्ञान में बहुत विकास कर लिया है, परंतु धार्मिक पाखंड मनुष्य का आज भी पीछा नहीं छोड़ रहा है. पाखंडी इसका फायदा उठाकर जनता को मूर्ख बनाते हैं और समाज में अज्ञानता का विकास करते हैं. शायद इसी ईश्वरवाद के वशीभूत होकर लोग सरकार से सवाल नहीं पूछते. आखिर सरकार ने बुखार फैलने के बाद और पहले क्या किया, जिससे कि बच्चों की जान बच सकें. दोस्तों सच्चाई यह है कि 100 साल पहले भी तरह-तरह की महामारियां फैलती थीं. जिसमें लाखों लोग मारे जाते थे. इन महामारियो की रोक के लिए इंग्लैंड के एक डॉक्टर, डा. एडवर्ड जेनर ने टीके की खोज की. उन्होंने यह टीका चेचक के लिए बनाया था. भारत में पहले लोग चेचक को भी ईश्वरीय प्रकोप मानते थे. कम चेचक होने पर उसे छोटी माता कहते थे, बड़ा चेचक होने पर उसे बड़ी माता कहते थे. परंतु …